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एडीस एजिप्टी मच्छर क्या है?

मच्छरों की कई प्रजातियाँ हैं। मच्छरों की केवल एडीस एजिप्टी प्रजातियाँ ज़ीका वायरस संचारित करती हुई पाई गई हैं, हालांकि विशेषज्ञों को संदेह है कि  एडीस एल्बोपिक्टस प्रजातियाँ भी वायरस संचारित करने में सक्षम हो सकती हैं।

एडीस एजिप्टी  सफ़ेद निशान और बंधे पैरों वाला छोटा-सा, काला मच्छर है। अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार,  एडीस एजिप्टी मच्छर दुनिया के कुछ भागों में ज़ीका वायरस, डेंगू वायरस, चिकनगुनिया वायरस और पीला बुख़ार वायरस संचारित करने के लिए जिम्मेदार है।

एडीस एजिप्टी मच्छर का जीवन-चक्र क्या है?

एडीस एजिप्टी वयस्क मादा मच्छर प्रति बैच 100 से 200 अंडे दे सकती है। वह अपने जीवन भर में 5 बैचों तक पैदा कर सकती है, जो आम तौर पर दो सप्ताह से एक महीने तक की अवधि हो सकती है।

वह ठहरे हुए पानी में अंडे देती है। इसमें अक्सर घर के आस-पास गटर, कंटेनर, बर्तन, पेड़ों के छेद और पुराने टायर जैसी जगहों पर ठहरा पानी भी शामिल है। इस कारण से, घर के आस-पास सप्ताह में दो बार ठहरे हुए पानी को हटाने से मच्छरों की आबादी कम हो सकती है।

जब अंडे फूटते हैं, तो लार्वा शैवाल जैसे पानी में मौजूद सामग्रियों पर मोटे तौर पर चार दिनों तक जीवित रहते हैं। फिर कुछ दिनों के लिए लार्वा प्यूपा चरण में प्रवेश करते हैं, जिस समय वे कुछ खाते नहीं हैं। वे वयस्क उड़ने वाले मच्छर रूप में उभरते हैं।

एडीस एजिप्टी  अपने जीवन काल में ज़्यादा दूर की यात्रा नहीं करते हैं, संभवतः 400 मीटर या कम तक सीमित रहते हैं।

वे क्यों काटते हैं?

केवल मादा मच्छर काटती हैं। वे अपने अंडों के लिए प्रोटीन के एक स्रोत के रूप में रक्त का उपयोग करती हैं, और वे ख़ून का भोजन करने के बाद अपने अंडे देती हैं।

वयस्क एडीस एजिप्टी मच्छर आम तौर पर दिन में, विशेषतः सुबह सवेरे और शाम को सक्रिय रूप से काटती हैं। वे मुख्य रूप से लोगों की साँस से बाहर निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड के प्रति आकर्षित होती हैं।

कपड़े का रंग और त्वचा गंध (पसीने के रूप में) जैसे अन्य कारक भी काटने वाले व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं। हल्के रंग के कपड़े मच्छरों के लिए कम आकर्षक माने जाते हैं।

एडीस एजिप्टी मच्छर किस प्रकार वायरस संचारित करता है?

एडीस एजिप्टी मच्छर जब किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो ज़ीका, डेंगू या अन्य वायरस को साथ लेती है। यदि मच्छर को काटने के लिए कोई संक्रमित व्यक्ति न मिले, तो वह ज़ीका वायरस प्रसारित नहीं कर पाता है क्योंकि वह स्वयं संक्रमित नहीं है।

यदि मच्छर ज़ीका वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति को काटता है, तो वह उस संक्रमित व्यक्ति से वायरस लेता है। अब संक्रमित मच्छर के भीतर वायरस की प्रतिकृति बनने में पाँच से सात दिन लग जाते हैं। इस दौरान, वायरस मच्छरों की लार ग्रंथियों में चला जाता है।

इन ग्रंथियों से, मच्छर जिस व्यक्ति को काटता है उसमें अपनी लार से वायरस ले जाता है, जो संभवतः एक नव संक्रमित व्यक्ति का निर्माण करता है। एकल संक्रमित मच्छर कई लोगों को संक्रमित करने में सक्षम हो सकता है।

SC Johnson, एक पारिवारिक कंपनी के सौजन्य से। हम इस जानकारी को साझा करके दूसरों को सूचित करने में मदद के लिए आपको आमंत्रित करते हैं।